SAIL Share Price Target : SAIL (Steel Authority of India Ltd) मजबूत कैपेक्स प्लान, बढ़ती स्टील डिमांड और सुधरते रिज़ल्ट्स की वजह से अगले 5 साल के लिए एक इंटरेस्टिंग PSU स्टील प्ले बन चुका है, लेकिन स्टॉक में उतार‑चढ़ाव भी तेज़ रहेगा और सभी टारगेट सिर्फ अनुमान माने जाने चाहिए। नीचे आर्टिकल में लेटेस्ट परफॉर्मेंस, ऑर्डर बुक/कैपेक्स प्लान, पिछले 5 साल की शेयर हिस्ट्री और 2026–2030 के अनुमानित टारगेट्स डेटा के साथ दिए गए हैं।
SAIL Overview & Business Model
Steel Authority of India Ltd भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनियों में से है, जो फ्लैट और लॉन्ग स्टील प्रोडक्ट्स, रेलवे प्रोडक्ट्स, स्ट्रक्चरल, प्लेट्स, बार, रॉड और स्पेशल स्टील बनाती है। कंपनी की कुल इंस्टॉल्ड क्रूड स्टील कैपेसिटी लगभग 20 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जिसे 2030 तक करीब 35 मिलियन टन तक ले जाने का टारगेट रखा गया है।
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Latest Performance FY26 (H1/Q2)
H1 FY26 में SAIL ने लगभग 9.5 मिलियन टन क्रूड स्टील का प्रोडक्शन किया और सेल्स वॉल्यूम में 16.7% की ग्रोथ दर्ज की, जिससे रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 52,600 करोड़ रुपये से ऊपर चला गया। इसी पीरियड में कंपनी का Profit After Tax लगभग 32% उछल कर 1,100 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन को दिखाता है।
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Recent Quarterly Results Q1 FY26
Q1 FY26 में कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले प्रॉफिट बिफोर टैक्स में 273% से ज्यादा की ग्रोथ दिखाई, जहाँ PBT 14 करोड़ से बढ़कर 1,564 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया। इसी क्वार्टर में सेल्स वॉल्यूम, रेवेन्यू और सेलिबल स्टील प्रोडक्शन तीनों में हेल्दी ग्रोथ दर्ज हुई, जो घरेलू स्टील डिमांड में मजबूती और बेहतर रियलाइजेशन की तरफ इशारा करती है
Order Book, Capex & Expansion Plan
SAIL के लिए सबसे बड़ा पॉज़िटिव इसका आक्रामक कैपेक्स प्लान है, जहाँ कंपनी 2030 तक लगभग 1,00,000 करोड़ रुपये निवेश कर स्टील कैपेसिटी को करीब 75% बढ़ाकर 35 MTPA तक ले जाने की तैयारी में है। FY26 में अकेले 7,500 करोड़ रुपये का कैपेक्स प्लान किया गया है, जो FY25 के ~6,000 करोड़ से 25% ज्यादा है, और IISCO तथा Durgapur जैसे प्लांट्स में एक्सपेंशन चल रहा है। स्टील मिनिस्टर के अनुसार Rourkela Steel Plant की कैपेसिटी को भी लगभग डबल करने की योजना है, जो ईस्टर्न मार्केट में SAIL की पोज़िशन और मजबूत कर सकती है।
Past Share Price Performance (5 Years)
पिछले 5 साल में SAIL के शेयर ने लगभग 47.5–174 रुपये के बीच का रेंज देखा है, जहाँ लोएस्ट प्राइस करीब 47.53 रुपये और हाईएस्ट प्राइस लगभग 174 रुपये रहा। 2021 में शेयर प्राइस लगभग 98.25 रुपये था, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 129.90 रुपये हुआ, यानी 5 साल में ~32.2% टोटल रिटर्न और करीब 5.7% CAGR रिटर्न मिला। अगर किसी ने 2021 में 10,000 रुपये निवेश किए होते तो 2025 तक यह वैल्यू लगभग 13,221 रुपये के आसपास होती
Current Market Price & Volatility
दिसंबर 2025 के आस‑पास SAIL का शेयर प्राइस 130–135 रुपये के रेंज में ट्रेड करता दिखा, जहाँ 52‑week हाई लगभग 170+ रुपये और लो करीब 100 रुपये के आसपास रहा है, जिससे पता चलता है कि स्टील साइकिल के साथ स्टॉक में अच्छी वोलैटिलिटी रहती है। हाल की ट्रेडिंग हिस्ट्री में भी कई दिनों में 3–5% तक की डेली मूवमेंट देखी गई है, जो शॉर्ट‑टर्म ट्रेडर्स के लिए अवसर और लॉन्ग‑टर्म इन्वेस्टर्स के लिए रिस्क दोनों बनाती है।
SAIL Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030
नीचे दिए गए टारगेट्स अलग‑अलग रिसर्च/ब्लॉग पोर्टल्स पर उपलब्ध 2026–2030 फोरकास्ट रेंज और SAIL की कैपेसिटी एक्सपेंशन, प्रॉफिटेबिलिटी व सेक्टर आउटलुक को ध्यान में रखकर अनुमानित किए गए हैं; यह किसी भी तरह की गारंटी या सलाह नहीं हैं।
| Year | Estimated Target Range (₹) |
|---|---|
| 2026 | 170 – 190 |
| 2027 | 190 – 210 |
| 2028 | 210 – 230 |
| 2029 | 230 – 260 |
| 2030 | 250 – 280 |
ये रेंज इस धारणा पर आधारित हैं कि 2030 तक SAIL की स्टील कैपेसिटी 35 MTPA के आसपास पहुंच जाएगी, डोमेस्टिक स्टील डिमांड हाई सिंगल से डबल‑डिजिट ग्रोथ दिखाएगी और कंपनी की मार्जिन प्रोफाइल स्थिर रहेगी; किसी भी ग्लोबल स्लोडाउन, कमोडिटी प्राइस शॉक या पॉलिसी चेंज से ये टारगेट काफी बदल सकते हैं।
Main Growth Drivers Next 5 Years
SAIL के लिए पहला बड़ा growth driver इसका 1,00,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स प्रोग्राम है, जो 2030 तक स्टील कैपेसिटी में ~75% जंप और वैल्यू‑ऐडेड प्रोडक्ट्स के शेयर में इज़ाफा ला सकता है, जिससे रेवेन्यू स्केल‑अप और ऑपरेटिंग लेवरेज दोनों मिलेंगे। दूसरा, भारत सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, डिफेंस और हाउसिंग कैपेक्स में लगातार बढ़ोतरी से लॉन्ग‑प्रोडक्ट्स और फ्लैट स्टील की डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा SAIL जैसी PSU स्टील कंपनियों को मिल सकता है
तीसरा, हाल के सालों में SAIL ने डेट कम करने और कॉस्ट रेशनलाइजेशन पर फोकस बढ़ाया है, H1 FY26 में PAT में 32% की ग्रोथ और EBITDA में स्थिरता इसी ट्रेंड की तरफ इशारा करती है, जिससे आगे चलकर ROE/ROCE में सुधार और वैल्यूएशन री‑रेटिंग की संभावना बन सकती है। साथ ही कंपनी डिकार्बोनाइजेशन प्लान पर काम कर रही है, जिससे लंबे समय में कार्बन नियमों की जोखिम कम हो सकती है और ग्रीन स्टील थीम से वैल्यूएशन प्रीमियम भी मिल सकता है।
Key Risks & Challenges
SAIL का बिजनेस साइकलिकल है, इसलिए ग्लोबल स्टील प्राइस में गिरावट, चाइना या दूसरे देशों से इम्पोर्ट प्रेशर और कच्चे माल (iron ore, coking coal) के प्राइस में वोलैटिलिटी से मार्जिन पर तेज़ असर पड़ सकता है। दूसरा, इतना बड़ा कैपेक्स (1,00,000 करोड़ रुपये) समय पर और बजट के अंदर पूरा करना अपने‑आप में बड़ा execution risk है; अगर प्रोजेक्ट्स में देरी या कॉस्ट ओवर‑रन होता है तो डेट लेवल और रिटर्न दोनों पर दबाव आ सकता है।
इसके अलावा, PSU स्टेटस के चलते पॉलिसी डिसीजन, डिविडेंड पेआउट, प्राइसिंग पॉलिसी आदि पर सरकारी हस्तक्षेप का रिस्क भी बना रहता है, जो कभी‑कभी मार्केट वैल्यूएशन पर नेगेटिव इम्पैक्ट डाल सकता है।
Disclaimer
यह पूरा आर्टिकल SAIL की पब्लिक फाइनेंशियल रिपोर्ट्स, सरकारी प्रेस रिलीज़, न्यूज आर्टिकल्स, शेयर प्राइस हिस्ट्री और अलग‑अलग थर्ड‑पार्टी प्राइस‑टारगेट वेबसाइट्स पर उपलब्ध डेटा के आधार पर तैयार किया गया है और समय के साथ इन सबमें बदलाव हो सकता है। यहां दिए गए SAIL Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029 और 2030 केवल अनुमानित रेंज हैं; इन्हें किसी भी रूप में buy, sell या hold की सिफारिश, investment advice या गारंटीड रिटर्न न समझें, शेयर बाज़ार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन होता है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें और खुद की रिसर्च ज़रूर करें।







