बर्फीली सर्दी में IPO की आग! यशोदा हॉस्पिटल सहित 7 कंपनियां ला रहीं Multibagger धमाल, जानें IPO साइज और तारीखें

IPO : भारतीय शेयर बाजार में नए साल की शुरुआत से पहले ही प्राथमिक इश्यू बाज़ार में हलचल तेज होती दिख रही है। सेबी ने हाल ही में Yashoda Healthcare, Orient Cables, Fusion CX समेत सात कंपनियों को आईपीओ लाने की मंजूरी दी है, जिनसे कुल मिलाकर लगभग 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटने की उम्मीद है। यह पूंजी मुख्यतः कर्ज घटाने, क्षमता बढ़ाने और तकनीकी निवेश पर खर्च होगी।

Yashoda Healthcare IPO योजना

Yashoda Healthcare Services ने सितंबर 2025 में कॉन्फिडेंशियल रूट से ड्राफ्ट पेपर फाइल किए थे और अब सेबी से आईपीओ के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। बाजार अनुमान लगा रहे हैं कि कंपनी 3,000–4,000 करोड़ रुपये के बीच का इश्यू ला सकती है, जिसमें ताजा इक्विटी इश्यू के साथ ऑफर फॉर सेल भी शामिल रहेगा। ताजा इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से नई मशीनरी व उपकरण खरीद, अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, चुनिंदा कर्ज घटाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए प्रस्तावित है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हो सकती है।

Orient Cables और Fusion CX की पेशकश

विशेषीकृत तार और केबल सेगमेंट में काम करने वाली Orient Cables (India) ने भी सार्वजनिक इश्यू के लिए मंजूरी हासिल कर ली है। कंपनी करीब 700 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 320 करोड़ रुपये का ताजा इश्यू और 380 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है, जबकि बुक रनिंग मैनेजर के रूप में IIFL Capital Services काम करेगा। उधर ग्राहक अनुभव सेवाएं देने वाली Fusion CX अपनी 1,000 करोड़ रुपये की पेशकश के जरिए 600 करोड़ रुपये ताजा इक्विटी और 400 करोड़ रुपये ऑफर फॉर सेल के रूप में लाएगी, जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज भुगतान, सहायक कंपनियों में आईटी अपग्रेड और अधिग्रहण पर खर्च होगा।

अन्य कंपनियां और सेक्टर पर प्रभाव

सेबी की मंजूरी सूची में Turtlemint Fintech Solutions, RSB Retail India, SFC Environmental Technologies और Lohia Corp भी शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों जैसे फिनटेक, रिटेल, पर्यावरणीय समाधान और औद्योगिक उपकरण में काम करती हैं। इन सातों कंपनियों से मिलकर 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की फंडरेजिंग की संभावना है, जो स्थानीय इक्विटी बाजार में गहराई बढ़ाने के साथ-साथ सेक्टोरल वैल्यूएशन पर भी असर डाल सकती है। बढ़ती सूचीबद्धता से निवेशकों को हेल्थकेयर, केबल मैन्युफैक्चरिंग, कस्टमर एक्सपीरियंस सर्विस, फिनटेक और पर्यावरणीय टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए विकल्प मिलेंगे, जिससे पोर्टफोलियो विविधता भी बढ़ेगी।

हाल के तिमाही परिणाम और शेयरहोल्डिंग

इन कंपनियों के शेयर अभी सूचीबद्ध नहीं हैं, इसलिए Q2 परिणाम और शेयरहोल्डिंग पैटर्न का विस्तृत डेटा केवल प्री-आईपीओ प्रकटीकरण दस्तावेजों में ही उपलब्ध होगा और सार्वजनिक रूप से संपूर्ण वित्तीय विवरण जारी नहीं किए गए हैं। सेबी के नियमों के अनुसार, कंपनियां ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और प्री-फाइलिंग दस्तावेजों के माध्यम से राजस्व, लाभ, कर्ज स्तर और प्रमुख शेयरधारकों की जानकारी साझा करती हैं, जिन्हें बाद में निवेशक रोडशो और प्राइस डिस्कवरी प्रक्रिया के दौरान विस्तार से सामने लाया जाता है।

Recent Q2 Result

CompanyRevenue Q2 FY25 (₹ crore)*EBITDA Margin (%)*Net Profit Q2 FY25 (₹ crore)*
Yashoda HealthcareNot yet publicly disclosedNot yet disclosedNot yet disclosed
Orient CablesNot yet publicly disclosedNot yet disclosedNot yet disclosed
Fusion CXNot yet publicly disclosedNot yet disclosedNot yet disclosed

*उपलब्ध सार्वजनिक डेटा की सीमाओं के कारण Q2 वित्तीय विवरण सार रूप में दर्शाए गए हैं; विस्तृत आंकड़े आईपीओ दस्तावेजों में सामने आएंगे।

Shareholding Pattern

CompanyPromoters / Founders*PE / Institutional Investors*
Yashoda HealthcareMajority stakeParticipation indicated
Orient CablesMajority stakeFinancial investors present
Fusion CXPromoters और PE fundsSignificant PE investors

*सभी हिस्सेदारी प्रतिशत प्री-आईपीओ स्तर पर हैं और प्राइसिंग तथा इश्यू स्ट्रक्चर के बाद बदल सकते हैं; अंतिम आंकड़े रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में उपलब्ध होंगे।​

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